होली 2020: सूर्यास्त से रात्रि 11:26 बजे तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, अपनी राशि के अनुसार डालें आहुति

होलिका दहन के दिन सुबह 6:08 मिनट से लेकर दोपहर 12:32 बजे तक भद्रा है। भद्रा को विघ्नकारक माना गया है। भद्रा में होलिका दहन करने से हानि और अशुभ फल मिलते हैं। इसी भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है।
Jyotish Acharya Gurumaa Indusagar
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इस साल 9 मार्च 2020 को होलिका दहन और 10 मार्च 2020 को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा।
नौ मार्च को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल से मध्यरात्रि से कुछ समय पूर्व तक है। प्रदोष काल सूर्यास्त 6:42 बजे से लेकर निशामुख रात्रि 11 बजकर 26 मिनट तक है।

होलिका दहन के दिन सुबह 6:08 मिनट से लेकर दोपहर 12:32 बजे तक भद्रा है। भद्रा को विघ्नकारक माना गया है। भद्रा में होलिका दहन करने से हानि और अशुभ फल मिलते हैं। इसी भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है।

राशियों के अनुसार होलिका में डालें आहुति

पुराणों और शास्त्रों में चार सिद्ध रात्रि में से होलिका दहन वाली रात को भी सिद्ध रात्रि माना गया है। नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से बचने के लिए होलिका दहन को सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन किए गए प्रयोग से मनचाहा फल मिलता है। नवग्रह जनित पीड़ा से निवारण के लिए अपनी राशि के अनुसार होलिका दहन में लकड़ी जरूर अर्पित करनी चाहिए। फिर होलिका के सात फेरे लगाना चाहिए

  • मेष और वृश्चिक राशि के लोग गुड़ की आहुति दें।
  • वृष राशि वाले होलिका में चीनी की
  • मिथुन और कन्या राशि के लोग कपूर की
  • कर्क के लोग लोहबान की
  • सिंह राशि के लोग गुड़ की
  • तुला राशि वाले कपूर की
  • धनु और मीन के लोग जौ और चना की
  • मकर व कुंभ वाले तिल कr होलिका दहन में आहुति दें।

होलिका दहन पूजा की विधि

होलिका दहन से पहले विधि विधान के साथ होलिका की पूजा करें। इस दौरान होलिका के सामने पूर्व या उतर दिशा की ओर मुख करके पूजा करने का विधान है। पहले होलिका को आचमन से जल लेकर सांकेतिक रूप से स्नान के लिए जल अर्पण करें।

इसके पश्चात कच्चे सूत को होलिका के चारों और तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटना है। सूत के माध्यम से उन्हें वस्त्र अर्पण किये जाते हैं। फिर रोली, अक्षत, फूल, फूल माला, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें।

पूजन के बाद लोटे में जल लेकर उसमें पुष्प, अक्षत, सुगन्ध मिला कर अघ् र्य दें। इस दौरान नई फसल के कुछ अंश जैसे पके चने और गेंहूं, जौं की बालियां भी होलिका को अर्पण करने का विधान है।

होली दहन पर सभी समस्याओं का समाधान करें

व्यापारियों के लिए
व्यापार में घाटा होने पर निम्न मंत्र होली की रात्रि में 1008 बार जपकर 108 आहुति दें तथा नित्य प्रात: एक माला जपें, निश्चित लाभ होगा।

मंत्र- ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं श्रीमेव कुरु-कुरु वांछितनेव ह्रीं ह्रीं नम:।।

रोजगार
रोजी-रोजगार, प्रमोशन, बंद धंधा चलाने का मंत्र 1008 बार पढ़कर 108 आहुति डालें तथा नित्य चींटियों को आटा-शकर-घी मिलाकर सवेरे पढ़ते हुए चींटियों के बिल पर डालते जाएं। ऐसा 40 दिन करें, सफलता निश्चित मिलेगी।

मंत्र- ॐ नमो नगन चींटि महावीर हूं पूरों
तोरी आशा तूं पूरो मोरी आशा।।

शिक्षा
विद्या प्राप्ति तथा साक्षात्कार में सफलता हेतु

मंत्र- गुरु गृह गए पढ़न रघुराई।
अल्प काल विद्या सब पाई।।

जीविका प्राप्ति के लिए

मंत्र- बिस्व भरन पोषन कर जोई,
ताकर नाम भरत अस होई।।

विविध रोग तथा उपद्रव शांति के लिए मंत्र

मंत्र- दैहिक दैविक भौतिक तापा,
राम राज नहिं काहुहिं व्यापा।।

विपत्ति नाश के लिए निम्न मंत्र की 108 आहुति दें तथा नित्य यथाशक्ति जप धरें।

मंत्र- ‘राजीव नयन धरें धनु सायक।
भगति विपति भंजन सुखदायक।।

कुछ खास बातें

  • होली की भस्म का टीका लगाने से नजर दोष तथा प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है।
  • होलिकादहन तथा उसके दर्शन से शनि-राहु-केतु के दोषों से शांति मिलती है।
  • घर में होली की भस्म चांदी की डिब्बी में रखने से कई बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाती हैं।
  • शरीर की उबटन को होलिका में जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
  • गृह क्लेश से निजात पाने और सुख-शांति के लिए होलिका की अग्नि में जौ-आटा चढ़ाएं।
  • भय और कर्ज से निजात पाने के लिए नरसिंह स्रोत का पाठ करना लाभदायक होता है।
  • होलिका दहन के दूसरे दिन राख लेकर उसे लाल रुमाल में बांधकर पैसों के स्थान पर रखने से बेकार खर्च रुक जाते हैं।
  • लगातार बीमारी से परेशान हैं तो होलिका दहन के बाद बची राख मरीज़ के सोने वाले स्थान पर छिड़कने से लाभ मिलता है।
  • बुरी नजर से बचाव के लिए गाय के गोबर में जौ, अरसी और कुश मिलाकर छोटा उपला बना कर इसे घर के मुख्य दरवाज़े पर लटका दें।

राशि रंग-धुलेंडी पर राशिनुसार रंगों का प्रयोग शुभ रहेगा।

  • मेष-सिंह-वृश्चिक राशि वाले जातक ऑरेंज तथा लाल रंग
  • धनु-मीन वाले पीले-ऑरेंज रंग
  • कर्क-तुला-वृषभ राशि वाले जातक पीले-हल्के रंग
  • मिथुन-कन्या वाले हरे-पीले रंग
  • कुंभ-मकर राशि वाले जातक नीले-काले-जामुनिया रंगों का प्रयोग कर सकते हैं।

 

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ज्योतिषाचार्य गुरु माँ इन्दुसागर  | Call or whatsapp us @ 8076121900

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Jyotish Acharya Gurumaa Indusagar

Jyotish Acharya Gurumaa Indusagar

She is an Astrologer, Numerologist and Vastu Consultant with an excellent understanding of Human Psychology. She has 11 years of experience in Astrology. She specialises in Love-Relationship Problems, Match-Making, Marriage Troubles, Children, Education Prospects, Medical Risks, Career Forecasts and issues.Her strong spiritual basis helps him to perceive the problems unconventionally. Her approach to counselling is unique as he combines the sciences of astrology with ontology (Science of being) and thereby, providing holistic solutions to address the actual deep-rooted issues rather than symptomatic solutions to present problems.She is also expert in Palm Reading, Taro Card Reading,Master Cardo, Past Life Reading, Angel Card Reading, Chakra and Mantra Healing.

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