Jyotish Acharya Gurumaa Indusagar
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36 के 36 गुण मिलने पर जोड़ी कुछ ही समय बाद कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रही होती है

माता पिता द्वारा तय किया गए विवाह में दो अंजान व्यक्ति शादी के बाद खुद को जीवनसाथी के अनुरूप ढालने की कोशिश में लग जाते हैं
36 गुण इस बात की पुष्टि करते हैं कि अमुक जोड़ी की बनेगी या नहीं।

अक्सर जोड़े की शिकायत होती है कि हमारी आदतें नहीं मिलतीं। कुंडलियां मिलने के बाद भी यही होता है। वैदिक तरीके से कुंडली मिलान जन्म नक्षत्र के आधार पर किया जाता है।

इस विधि में वर व वधु के जन्म नक्षत्र की एक सारणी से मिलान करके परिणाम निकाला जाता है। इस गुण मिलान में 36 में से 36, 32 और 30 गुण मिलने वालों में भी तलाक की नौबत आ जाती है और कई बार 18 से कम गुण मिलने के बाद भी पति-पत्नी सुखी शादीशुदा जीवन बिताते हैं।

 

विवाह आदि के लिए कुंडली मिलान की प्रक्रिया में केवल गुण मिलान कर लेना ही पर्याप्त नहीं है यदि कोई ज्योतिषी ऐसा करते है तो यह उचित नहीं है ऐसा करने से ही ज्योतिष और ज्योतिषी के प्रति अविश्वास पैदा होता है।

अतः विवाह के सम्बन्ध में कोई निर्णय लेने से पहले लड़का और लड़की की कुंडली में ग्रहो की स्थिति, उच्च, नीच, योग इत्यादि पर विचार करके ही शादी करने और न करने का फैसला लेना चाहिए।

डाइवोर्स का कारण

विवाह के लिए गुण मिलान हेतू मिलाए जाने वाले अष्ट कूटों में से भकूट भी एक कूट है जिसके न मिलने पर भकूट दोष उत्पन्न होता है शास्त्रानुसार यह दोष तलाक (Divorce) वैध्वय, आपसी लड़ाई-झगड़ा, स्वास्थ्य हानि, संतान हानि जैसी समस्या का कारण बनता है। गुण मिलान में कुल 36 गुण होते है जिसमे आठ कूट को शामिल किया गया है

 

भकूट दोष का दाम्पत्य जीवन पर प्रभाव

जन्मकुंडली मिलान में तीन प्रकार से भकूट दोष बनता है
मुहूर्तचिन्तामणि में इसके दाम्पत्य जीवन में आने वाले प्रभाव के सम्बन्ध में कहा गया है।

मृत्युषडष्टके ज्ञेयोऽपत्यहानिर्नवात्मजे।
द्विद्र्वादशे निर्धनत्वं द्वयोरन्यत्र सौख्यकृत्।।

अर्थात षड़-अष्टक ६/८ भकूट दोष होने से वर-वधू में से एक की मृत्यु हो जाती है या आपस में लड़ाई झगड़ा होते रहता है।

नवम-पंचम ( ९/५) भकूट दोष होने से संतान की हानि होती है या संतान के जन्म में मुश्किल आती है या फिर संतान होती ही नहीं।

द्वादश-दो ( 1२/२) भकूट दोष होने से वर-वधू को निर्धनता का सामना करना पड़ता या दोनों बहुत ही खर्चीले होते है।

यदि आपको पता है की मेरे कुंडली में भकूट दोष है तथा यह दोष किस तरह का प्रभाव देने वाला है या सक्षम है तो उसे दूर करने का हर संभव प्रयास करना चाहिए यह नहीं की यह सब इसी दोष के कारण हो रहा है ऐसा सोच कर बैठ जाए, ऐसा करने से उसका प्रभाव और बढ़ जाएगा क्योकि समस्या भी आप ही है और निदान भी आप ही है अतः हमेशा सकारात्मक दृश्टिकोण रखे तथा अपने अंदर समस्या से लड़ने की शक्ति उत्पन्न करने की कोशिश करे।

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ज्योतिषाचार्य गुरु माँ इन्दुसागर  | Call or whatsapp us @ 8076121900

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Jyotish Acharya Gurumaa Indusagar

Jyotish Acharya Gurumaa Indusagar

She is an Astrologer, Numerologist and Vastu Consultant with an excellent understanding of Human Psychology. She has 11 years of experience in Astrology. She specialises in Love-Relationship Problems, Match-Making, Marriage Troubles, Children, Education Prospects, Medical Risks, Career Forecasts and issues.Her strong spiritual basis helps him to perceive the problems unconventionally. Her approach to counselling is unique as he combines the sciences of astrology with ontology (Science of being) and thereby, providing holistic solutions to address the actual deep-rooted issues rather than symptomatic solutions to present problems.She is also expert in Palm Reading, Taro Card Reading,Master Cardo, Past Life Reading, Angel Card Reading, Chakra and Mantra Healing.

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